Saturday, February 16, 2019

Whatsapp पर अब कंट्रोल करिए- कौन कर सकता है ग्रुप्स में ऐड

Whatsapp पर अब कंट्रोल करिए- कौन कर सकता है ग्रुप्स में ऐड
वॉट्सऐप ग्रुप्स खुद में अलग सिरदर्दी हैं. हर ग्रुप नेचर अलग, प्रॉब्लम अलग. कभी-कभी तो चाहकर भी आप इनसे बाहर नहीं निकल सकते. लेकिन हो सकता है कि जल्दी ही वॉट्सऐप आपको ग्रुप्स के मामले में राहत दे सकता है. रिपोर्ट्स हैं कि वॉट्सऐप यूजर्स को ऐसा ऑप्शन उपलब्ध कराने की कोशिश कर रहा है, जिससे उन्हें ये ऑप्शन मिल जाएगा कि ये कंट्रोल कर सकेंगे कि कौन उन्हें किसी ग्रुप में ऐड कर सकता है. अब तक ऐसा है कि कोई भी रैंडम कॉन्टैक्ट या कॉन्टैक्ट नंबर न सेव हो फिर भी, वो आपको किसी भी वॉट्सऐप ग्रुप में ऐड कर सकता है. लेकिन वॉट्सऐप के इस नए फीचर से आपको इस परेशानी से राहत मिल जाएगी. न्यूज18 की खबर के मुताबिक, वॉट्सऐप iOS beta यूजर्स, जिन्होंने अगले iOS अपडेट में टेस्टफ्लाइट बीटा प्रोग्राम जॉइन किया है, उनके लिए ये फीचर ला रहा है. ऐसे करें इस्तेमाल - ये नया फीचर वॉट्सऐप सेटिंग्स के तहत उपलब्ध होगा. - इसके लिए यूजर्स को पहले सेटिंग्स से होकर अकाउंट में जाना होगा. - अकाउंट में जाकर प्राइवेसी पर क्लिक करिए. - प्राइवेसी में ग्रुप्स का ऑपश्न होगा, उसपर क्लिक करिए. - इसमें आपको ग्रुप इन्विटेशन के ऑप्शन दिखेंगे- Everyone, My Contacts और Nobody. पहला ऑप्शन चुनने पर आपको कोई भी किसी ग्रुप में ऐड कर सकता है, माई कॉन्टैक्ट्स का ऑप्शन चुनने पर आपने जिन लोगों का नंबर अपने फोन में सेव कर रखा होगा, वो ही आपको किसी ग्रुप में ऐड कर सकेंगे. लेकिन अगर आप चाहते हैं कि कोई भी आपको किसी भी ग्रुप में ऐड न कर सके, तो आपको चुनना होगा नोबडी. अगर आप ये ऑप्शन चुनेंगे, तो जब भी कोई आपको किसी ग्रुप में ऐड करने की कोशिश की, तो आपके पास पहले रिक्वेस्ट आएगी, जिसे आपके एक्सेप्ट करने के बाद ही आप उस ग्रुप में ऐड होंगे. ये रिक्वेस्ट 72 घंटों में एक्सपायर हो जाएगा. हालांकि, रिपोर्ट ये भी है कि इसमें ग्रुप लिंक बनाने का फीचर भी ऐड किया जाएगा, जो ग्रुप बनने के बाद क्रिएट होगा. इससे किसी यूजर की प्राइवेसी सेटिंग के बावजूद उसे ग्रुप में ऐड किया जा सकेगा.

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Friday, February 15, 2019

Redmi Note 7: भारत में इस तारीख को लॉन्च होगा फोन, कंपनी ने किया खुलासा

Redmi Note 7: भारत में इस तारीख को लॉन्च होगा फोन, कंपनी ने किया खुलासा
शाओमी इंडिया ने Redmi Note 7 के भारत में लॉन्च किए जाने की अहम तारीख का खुलासा कर दिया है. कंपनी के मुताबिक Redmi Note 7, 28 फरवरी को भारतीय मार्केट में उतारा जाएगा. इसे चीन में जनवरी में लॉन्च किया गया था. एनडीटीवी के मुताबिक फोन की कीमत के बारे में कंपनी 28 फरवरी को होने वाले इवेंट में ही बताएगी. शाओमी इंडिया ने फोन की लॉन्चिंग की जानकारी ट्वीट करके दी. इसमें हैशटैग #THUGLIFE का भी इस्तेमाल किया गया है. कंपनी का इवेंट नई दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में एक इवेंट आयोजित किया जाएगा. टिकट खरीदकर भी इस इवेंट में शामिल हुआ जा सकता है. Your answer to when is #RedmiNote7 launching is finally here! Unleashing the #ǝɟᴉ7ƃnɥʇ on 28th Feb 2019. Register to buy the ticket for the launch event: https://t.co/ulSUeJlVgI. Limited seats! pic.twitter.com/GwfWwVMBvh — Mi India (@XiaomiIndia) February 14, 2019 Redmi Note 7 चीन में पहले ही लॉन्च हो चुका है. चीन में 3GB रैम और 32GB स्टोरेज वाले Redmi Note 7 की कीमत 999 युआन, जो लगभग 10,541 रुपए है. वहीं, 4GB रैम और 64GB स्टोरेज वाले Redmi Note 7 की कीमत 1,199 युआन यानी 12,652 रुपए है. Redmi Note 7 के 6GB रैम और 64GB स्टोरेज की कीमत 1,399 युआन यानी 14,762 रुपए रखी गई है. समझा जा रहा है कि शियोमी भारत में Redmi Note 7 फोन को 10,000 रुपए की शुरुआती कीमत में पेश कर सकती है. 48 मेगापिक्सल कैमरे और दमदार फीचर्स वाले Redmi Note 7 की सस्ती कीमत शियोमी फैंस को खुश कर सकती है. यह मोबाइल मार्केट में मौजूद कई फोन को यह कड़ी टक्कर देगा. इसमें 6.3 इंच की फुल एचडी LTPS Display है, जिसका रेश्यो 19:5:9 है और इसमें 450 निट्स ब्राइटनेस, 84 परसेंट NTSC कलर गेमट, कॉर्निंग गोरिल्ला ग्लास 5 और 2.5डी Curve Glass प्रोटेक्शन है. Redmi Note 7 Qualcomm Snapdragon 660 octa-core SoC पर काम करेगा, इसमें 3जीबी, 4 जीबी और 6 जीबी RAM का ऑप्शन है जिसकी स्टोरेज 32 GB और 64 GB है. इस फोन में फ्रंट कैमरा 13 मेगापिक्सल है. इसके अलावा फोन में 4000 MAh बैटरी है और Quick Charge सपोर्ट का Option भी है. ये भी पढ़ें: Kejriwal Vs LG: जज को जनता भगवान मानती थी, लेकिन भगवान भी इंसाफ नहीं कर सके- संजय सिंह ये भी पढ़ें: बैंकों को मुझसे पैसा लेने के लिए क्यों नहीं कह रहे पीएम मोदी: माल्या

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Wednesday, February 13, 2019

Kawasaki Versys 1000 भारत में हुई लॉन्च, कीमत 10.69 लाख रुपए से शुरू

Kawasaki Versys 1000 भारत में हुई लॉन्च, कीमत 10.69 लाख रुपए से शुरू
Kawasaki India ने भारत में Kawasaki Versys 1000 लॉन्च कर दी है. इसका एक्स-शोरूम प्राइस 10.69 लाख रुपए है. यह बाइक सिर्फ एक कलर (pearl flat stardust white/metallic flat spark black) में उपलब्ध है. Kawasaki इंडिया ने इसे 'Crossover sport model of Ninja 1000 के साथ इंजन और चेसिस डिजाइन' बताया है. यह भारत में असेंबल होगी. इसमें चार सिलेंडर इंजन है. इसकी डिलीवरी मार्च 2019 से शुरू हो जाएगी. यह उन्हीं को मिलेगी जिन्होंने नवंबर 2018 में इसकी प्री-बुकिंग की थी. Kawasaki Versys 1000 में 1,043 सीसी का लिक्वड कूल इंजन है. इसमें 9000 rpm पर 118 bhp की पावर के इंजन का इस्तेमाल किया गया है. इसका इंजन Ninja 1000 पर आधारित है. Versys 1000 में 17 इंच के Alloy Wheel हैं और एडजस्टेबल विंडस्क्रीन है. वहीं इसकी सीट का साइज 840 mm है. Versys 1000 का 255 किलोग्राम का वजन है. इसकी ग्राउंड क्लियरेंस 150 mm का है. इसका 21 लीटर का फ्यूल टैंक है. Versys 1000 का बाजार में सीधा मुकाबला Ducati Multistrada 950 से है और इसके मुकाबले Honda Africa Twin और Triumph Tiger 800 XRx से है.

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ई-कचरे से होगी करोड़ों की कमाई, वैज्ञानिकों ने निकाली तरकीब

ई-कचरे से होगी करोड़ों की कमाई, वैज्ञानिकों ने निकाली तरकीब
पुराने हो चुके फोन, कंप्यूटर, प्रिंटर आदि का गलत तरीके से निपटारा पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य के लिए एक बड़ी समस्या है. इन उपकरणों में सोना, चांदी और तांबे जैसी कई कीमती धातुएं होती हैं. इन धातुओं को इलेक्ट्रॉनिक कचरे से अलग करने के लिए असंगठित क्षेत्र में हानिकारक तरीके अपनाए जाते हैं. भारतीय वैज्ञानिकों ने एक ऐसी विधि विकसित की है, जिसकी मदद से पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए बिना ई-कचरे का पुनर्चक्रण (रीसाइक्लिंग) हो सकता है. राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT), मिजोरम, सीएसआईआर- खनिज और पदार्थ प्रौद्योगिकी संस्थान (आईएमएमटी), भुवनेश्वर और एसआरएम इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी, मोदीनगर के वैज्ञानिकों ने मिलकर ई-कचरे से सोने और चांदी जैसी कीमती धातुओं को निकालने के लिए माइक्रोवेव ऊष्मायन (Incubation) और अम्ल निक्षालन (Acid Nitrogen) जैसी प्रक्रियाओं को मिलाकर एक नई विधि विकसित की है. यह नई विधि सात चरणों में काम करती है. सबसे पहले माइक्रोवेव भट्टी में 1450-1600 डिग्री सेंटीग्रेड ताप पर 45 मिनट तक ई-कचरे को गरम किया जाता है. गरम करने के बाद पिघले हुए प्लास्टिक और धातु के लावा को अलग-अलग किया जाता है. इसके बाद सामान्य धातुओं का नाइट्रिक अम्ल और कीमती धातुओं का एक्वा रेजिया की मदद से रसायनिक पृथक्करण (Separation) किया गया है. सांद्र नाइट्रिक अम्ल (Concentrated Nitric Acid) द्वारा धातुओं को हटाकर जमा हुई धातुओं को शुद्ध करके निकाल लिया जाता है. माइक्रोवेव भट्टी में ई-कचरे को गर्म करते हुए इस अध्ययन में उपयोग किए गए ई-कचरे में पुराने कंप्यूटर और मोबाइलों के स्क्रैप प्रिंटेड सर्किट बोर्ड (पीसीबी) से निकाली गई एकीकृत चिप (आईसी), पोगो पिन, धातु के तार, एपॉक्सी बेस प्लेट, इलेक्ट्रोलाइट कैपेसिटर, बैटरी, छोटे ट्रांसफार्मर और प्लास्टिक जैसी इलेक्ट्रॉनिक सामग्री शामिल थी. इससे संबंधित अध्ययन के दौरान 20 किलोग्राम ई-कचरे को पहले माइक्रोवेव में गरम किया गया और फिर अम्ल शोधन (Acid Refinement) किया गया है. इससे लगभग तीन किलोग्राम धातु उत्पाद प्राप्त किए गए हैं. इन धातुओं में 55.7 प्रतिशत तांबा, 11.64 प्रतिशत लोहा, 9.98 प्रतिशत एल्युमीनियम, 0.19 प्रतिशत सीसा, 0.98 प्रतिशत निकल, 0.05 प्रतिशत सोना और 0.05 प्रतिशत चांदी मिली है. इस प्रक्रिया में बिजली की खपत भी बहुत कम होती है. डॉ सत्य साईं श्रीकांत और डॉ बिजयानंद मोहंती और प्रमुख शोधकर्ता राजेंद्र प्रसाद महापात्रा ने इंडिया साइंस वायर को बताया कि 'ई-कचरा रासायनिक या भौतिक गुणों में घरेलू या औद्योगिक कचरों से काफी अलग होता है. जीवों के लिए खतरनाक होने के साथ-साथ ई-कचरे का रखरखाव चुनौतीपूर्ण है. आमतौर पर, ई-कचरे से कीमती धातुएं प्राप्त करने के लिए मैफल भट्टी अथवा प्लाज्मा विधि के साथ रसायनिक पृथक्करण (Separation) प्रक्रिया का उपयोग होता है.' [caption id="attachment_191518" align="alignnone" width="1002"] डॉ सत्य साईं श्रीकांत और डॉ. बिजयानंद मोहंती[/caption] इस अध्ययन से जुड़े दो अन्य वरिष्ठ वैज्ञानिकों के अनुसार, 'पारंपरिक विधियों की तुलना में माइक्रोवेव ऊर्जा वाली यह नई विकसित की गई विधि कम समय, कम बिजली की खपत और अपेक्षाकृत कम तापमान पर ई-कचरे से कीमती धातुओं को दोबारा प्राप्त करने वाली एक पर्यावरण अनुकूल, स्वच्छ और किफायती प्रक्रिया के रूप में उभरी है. अध्ययनकर्ताओं में राजेंद्र प्रसाद महापात्रा, डॉ. सत्य साईं श्रीकांत, डॉ बिजयानंद मोहंती और रघुपत्रुनी भीम राव शामिल थे. यह अध्ययन शोध पत्रिका करंट साइंस में प्रकाशित किया गया है. (इंडिया साइंस वायर से साभार )

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Tuesday, February 12, 2019

Redmi Note 7 भारत में आज लॉन्च होगा, Moto G7 सीरीज बाजार में आया

Redmi Note 7 भारत में आज लॉन्च होगा, Moto G7 सीरीज बाजार में आया
Redmi Note 7 को लेकर काफी समय से अटकलें और चर्चा का दौर चल रहा है. हाल ही में भारत में इसके लॉन्च को लेकर खबर आई कि यह फोन 12 फरवरी को पेश किया जाएगा. लेकिन बाद में खुलासा हुआ कि लीक हुई लॉन्च तारीख फर्जी है. जानकारी की मानें तो इस फोन के साथ शियोमी अपने सब-ब्रांड ‘Redmi’ को अलग ब्रांड के तौर पर पेश करेगी. इसके फीचर्स और डिजाइन को लेकर पहले ही सामने आ चुकी हैं और अब इसकी कीमत को लेकर कयास लगाया जा रहा है. Redmi Note 7 चीन में पहले ही लॉन्च हो चुका है. चीन में 3GB रैम और 32GB स्टोरेज वाले Redmi Note 7 की कीमत 999 युआन, जो लगभग 10,541 रुपए है. वहीं, 4GB रैम और 64GB स्टोरेज वाले Redmi Note 7 की कीमत 1,199 युआन यानी 12,652 रुपए है. Redmi Note 7 के 6GB रैम और 64GB स्टोरेज की कीमत 1,399 युआन यानी 14,762 रुपए रखी गई है. समझा जा रहा है कि शियोमी भारत में Redmi Note 7 फोन को 10,000 रुपए की शुरुआती कीमत में पेश कर सकती है. 48 मेगापिक्सल कैमरे और दमदार फीचर्स वाले Redmi Note 7 की सस्ती कीमत शियोमी फैंस को खुश कर सकती है. बता दें कि भारत में Redmi Note 6 Pro को 13,999 रुपये में खरीदा जा सकता है, यानी की जल्द लॉन्च होने वाला Redmi Note 7, Redmi Note 6 Pro से भी सस्ता हो सकता है. चीन में पिछले महीने लॉन्च हो चुके Redmi Note 7 से इसके फीचर्स का अंदाजा लगाया जा सकता है. मोबाइल मार्केट में मौजूद कई फोन को यह कड़ी टक्कर देगा. इसमें 6.3 इंच की फुल एचडी LTPS Display है, जिसका रेश्यो 19:5:9 है और इसमें 450 निट्स ब्राइटनेस, 84 परसेंट NTSC कलर गेमट, कॉर्निंग गोरिल्ला ग्लास 5 और 2.5डी Curve Glass प्रोटेक्शन है. Redmi Note 7 Qualcomm Snapdragon 660 octa-core SoC पर काम करेगा, इसमें 3जीबी, 4 जीबी और 6 जीबी RAM का ऑप्शन है जिसकी स्टोरेज 32 GB और 64 GB है. इस फोन में फ्रंट कैमरा 13 मेगापिक्सल है. इसके अलावा फोन में 4000 MAh बैटरी है और Quick Charge सपोर्ट का Option भी है. लॉन्च हुई MOTO G7 सीरीज  Lenevo के स्वामित्व वाली स्मार्टफोन निर्माता कंपनी Motorola ने अपनी नई Moto G7 सीरीज लॉन्च कर दी है. इस सीरीज के तहत Moto G7, Moto G7 Plus, Moto G7 Play और Moto G7 Power स्मार्टफोन्स पेश किए गए हैं. यह सभी स्मार्टफोन दमदार बैटरी के साथ आते हैं. Motorola के मुताबिक, इन फोन की बिक्री सबसे पहले मैक्सिको और ब्राजील में शुरू की जाएगी. इसके बाद ही इन्हें भारत में लॉन्च किया जाएगा. इनकी कीमत 199 डॉलर यानी करीब 14,200 रुपए से शुरू है.

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20 फरवरी को Samsung लॉन्च कर सकती है S10, S10+ और S10E

20 फरवरी को Samsung लॉन्च कर सकती है S10, S10+ और S10E
साउथ कोरियाई कंपनी Samsung अपना नया मोबाइल फोन S10, S10+ और S10E लॉन्च कर सकता है. अमेरिका में 20 फरवरी को होने वाले 'Galaxy Unpacked' इवेंट में कंपनी S10 को लेकर घोषणा कर सकती है. एक्सपर्ट की मानें तो कंपनी 5G-रेडी वैरिएंट की भी घोषणा कर सकती है. अक्सर फरवरी में ही कंपनी अपने गैलेक्सी S सीरीज के अपडेट की घोषणा करती है और इस साल भी कुछ ऐसा ही होने वाला है. पिछले साल Samsung ने Galaxy S9 की घोषणा की थी, लेकिन 2019 Galaxy S10 के आने की घोषणा कर सकता है. S सीरीज की 10वीं सालगिराह पर कंपनी S10 को बाजार में लाने की घोषणा कर सकती है. इसमें 6.1 इंच की स्टैंडर्ड डिस्प्ले होगी, S10+ में प्रीमियम 6.4 इंच डिस्प्ले और सबसे सस्ता S10E में 5.8 इंच मॉडल की डिस्प्ले होगी. खबरों की मानें तो S10 में अल्ट्रासोनिक फिंगरप्रिंट सेंसर होगा. वहीं बायोमेट्रिक सोल्यूशन सिर्फ Galaxy S10 और Galaxy S10+ में होगा. Galaxy S10 मॉडल डुअल रेयर फेसिंग कैमरा के साथ आएगा, जबकि Galaxy S10 और S10+ में ट्रिपल कैमरा आ सकता है.

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रेडिएशन के लिहाज से काफी खतरनाक हैं ये स्मार्टफोन, Xiaomi टॉप पर

रेडिएशन के लिहाज से काफी खतरनाक हैं ये स्मार्टफोन, Xiaomi टॉप पर
आज के दौर में स्मार्टफोन एक जरूरत बन चुका है. स्मार्टफोन के माध्यम से हमारे कई काम काफी आसान हो जाते हैं. जब भी हम नया स्मार्टफोन खरीदते हैं तो इसके फीचर्स पर जरूर गौर करते हैं. स्मार्टफोन का कैमरा कैसा है, साउंड क्वालिटी ठीक है या नहीं, इंटरनेट के इस्तेमाल के लिहाज से कितना बेहतर है, स्टोरेज क्षमता कम है या ज्यादा... इन सब चीजों का ख्याल जरूर रखते हैं लेकिन वो स्मार्टफोन पर्यावरण के लिहाज से कैसा है? इसका ध्यान लोग शायद ही रखते होंगे. वहीं अब ऐसी एक लिस्ट सामने आई है, जिसमें सबसे ज्यादा रेडिएशन पैदा करने वाले स्मार्टफोन के बारे में बताया गया है. रेडिएशन का खतरा लगभग सभी स्मार्टफोन में पाया जाता है. लेकिन जर्मन फेडलर ऑफिस ऑफ रेडिएशन प्रोटेक्शन के जरिए रेडिएशन के लिहाज से सबसे ज्यादा खतरनाक स्मार्टफोन की लिस्ट जारी की गई है. इस लिस्ट में शाओमी और वन प्लस के स्मार्टफोन सबसे आगे हैं. इस लिस्ट में वे स्मार्टफोन हैं जिनसे सबसे ज्यादा रेडिएशन निकलता है. इस लिस्ट में 16 स्मार्टफोन हैं, जिनमें सबसे आगे शाओमी एमआई ए1 है. इस स्मार्टफोन से सबसे ज्यादा रेडिएशन निकलता है. इस फोन का स्पेसिफिक अब्जॉर्प्शन रेट (SAR) 1.75 वाट प्रति किलोग्राम है. वहीं दूसरे नंबर पर 1.68 वाट प्रति किलोग्राम के साथ वन प्लस 5 टी और तीसरे नंबर पर 1.58 वाट प्रति किलोग्राम के साथ शाओमी एमआई मैक्स3 है. 16 स्मार्टफोन वाली इस लिस्ट में चार शाओमी के तो चार वन प्लस के स्मार्टफोन है. इसके अलावा आईफोन 7 और आईफोन 8 भी इस लिस्ट में शामिल है. वहीं कम रेडिएशन वाली लिस्ट में सैमसंग के स्मार्टफोन ने बाजी मारी है. कम रेडिएशन वाले 16 स्मार्टफोन की लिस्ट में सैमसंग के आठ स्मार्टफोन शामिल है. इसमें टॉप पर Samsung Galaxy Note 8 है, जिसका स्पेसिफिक अब्जॉर्प्शन रेट (SAR) 0.17 वाट प्रति किलोग्राम है.

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Reliance Jio, Airtel और Vodafone के 200 रुपए तक बेस्ट प्रीपेड रिचार्ज

Reliance Jio, Airtel और Vodafone के 200 रुपए तक बेस्ट प्रीपेड रिचार्ज
एयरटेल, आइडिया-वोडाफोन और रिलायंस जियो ने अपने नए प्रीपेड प्लान लॉन्च किए हैं. इनमें ग्राहकों की पसंद का खास ध्यान रखा गया है. ये सभी प्लान 200 रुपए के अंदर हैं. अगर आप भी इतने तक का रिचार्ज करवाना चाहते हैं तो यहां आपको इसकी पूरी जानकारी मिलेगी... एयरटेल 199 प्लान: 199 रुपए के प्रीपेड प्लान में ग्राहकों को एयरटेल 1.5 जीबी रोजाना 4जी डेटा देगा, अनलिमिटेड लोकल, एसटीडी और रोमिंग वॉयस कॉल भी इसमें ग्राहकों को मिलेगी. इसमें FUP लिमिट नहीं है. इस रिचार्ज में 100 SMS प्रतिदिन मिलेगी. इसकी 28 दिनों की वैलेडिटी होगी. इसमें एयरटेल टीवी की भी फ्री सब्सक्रिप्शन मिलेगा. वोडाफोन-आइडिया 199 प्लान: वोडाफोन या आइडिया में 199 रुपए का रिचार्ज करवाने पर ग्राहकों को 1.5 जीबी रोजाना डेटा दिया जाएगा. इसके अलावा इसमें अनलिमिटेड कॉलिंग भी है. वोडाफोन के 199 के रिचार्ज प्लान में FUP लिमिट नहीं है और इसमें रोजाना 100 SMS मिलेंगे. इस वैलेडिटी 28 दिनों तक होगी. इसमें वोडाफोन प्ले ऐप भी फ्री मिलेगी. रिलाइंस जियो 198 प्लान: रिलाइंस जियो में 198 के प्रीपेड मोबाइल रिचार्ज पर 2 जीबी रोजाना 4जी डेटा मिलेगा. इसमें अनलिमिटेड लोकल. एसटीडी और रोमिंग वॉयस कॉल भी मिलेंगी. इसमें FUP लिमिट नहीं है और रोजाना 100 SMS भी मिलेंगे. इसकी वैलेडिटी 28 दिनों तक है. इसमें जियो ऐप्स की फ्री सब्सक्रिप्शन मिलेगी.

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PUBG दे रहा है आपको Oppo F9 Pro जीतने का मौका, जानिए कैसे

PUBG दे रहा है आपको Oppo F9 Pro जीतने का मौका, जानिए कैसे
भारत में PUBG गेम युवाओं के बीच काफी पॉपुलर हो चुका है. ऐसे में ये गेम अब लोगों को Oppo f9 pro जीतने का मौका दे रहा है. दरअसल PUBG mobile india series 2019 ने भारतीय टूर्नामेंट के इन गेम क्वॉलिफायर राउंड के लिए रिजल्ट जारी कर दिए हैं, जिसमें 2000 लोगों को चुना गया है. इसके बाद आज यानी 10 फरवरी से प्लेऑफ राउंड शुरू होंगे. कपनी इस गेम की लाइव स्ट्रीमिंग देखने वालों को Oppo f9 pro जीतने का मौका दे रही है. Watch the Live Stream of OPPO x PUBG MOBILE India Series - Online Playoffs from 10th Feb to 24th Feb and participate in the viewers match to win an exciting OPPO Phone! pic.twitter.com/yKa3gvwCcD — PUBG MOBILE INDIA (@PUBGMobile_IN) February 8, 2019 कंपनी ने ट्वीट कर बताया कि लोग प्लेऑफ राउंड की लाइव स्ट्रीमिंग देख कर ओप्पो स्मार्टफोन F9 Pro जीत सकते हैं. PUBG ने ट्विटर पर लिखा है कि लाइव स्ट्रीमिंग ऑफ ओप्पो X पबजी मोबाइल इंडिया सीरीज- ऑनलाइन प्लेऑफ 10 फरवरी से 24 फरवरी तक चलेगी और ओप्पो फोन जीतने के लिए मैच देखें. दरअसल भारतीय टूर्नामेंट तीन भागों में बांटा गया है. प्लेयर्स को पहले इन गेम क्वॉलिफाई करना होगा, फिर ऑनलाइन प्लेऑफ और फिर ग्रेड फाइनल- राउंड से गुजरना होगा. ऐसे में कंपनी का कहना है कि 10 फरवरी से शुरू होने वाला प्लेऑफ राउंड की लाइव स्ट्रीमिंग देखकर लोग Oppo f9 pro जीत सकते हैं. क्या है Oppo f9 pro की कीमत? फिलहाल भारत में Oppo F9 Pro की कीमत 21,999 रुपए है. PUBG मोबाइल के लिए इन गेम क्वॉलिफायर की शुरुआत 21 जनवरी को हुई थी और ये 27 जनवरी को खत्म हो गया है. यूजर्स इसके रिजल्ट http://bit.ly/2N2emhG पर देख सकते हैं.

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गंगा सफाई के लिए Jio ने बढ़ाया कदम, नमामि गंगे से जुड़ा रिलायंस

गंगा सफाई के लिए Jio ने बढ़ाया कदम, नमामि गंगे से जुड़ा रिलायंस
गंगा सफाई को लेकर केंद्र सरकार के जरिए काफी प्रयास किए जा रहे हैं. वहीं अब गंगा सफाई की ओर रिलायंस जियो ने भी एक कदम बढ़ा दिया है. मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड गंगा सफाई अभियान से जुड़ गई है. रिलायंस गंगा स्वच्छता अभियान को आगे बढ़ाने के लिए नेशनल मिशन फॉर क्लीन गंगा (एनएमसीजी) के साथ जुड़ गई है. ‘नमामि गंगे प्रोग्राम’ के तहत क्लीन गंगा के संदेशों को रिलायंस जियो लोगों के बीच ले जाने का काम करेगी. रिलायंस जियो अपने करोड़ों ग्राहकों को एसएमएस और डिजिटल बैनर पुश नोटिफिकेशन के माध्यम से नेशनल मिशन फॉर क्लीन गंगा के संदेशों को भेजेगी. कुंभ मेले के दौरान ही इन संदेशों को भेजा जाएगा. जियो नेटवर्क की व्यापक पहुंच का लाभ उठाते हुए एनएमसीजी कुंभ मेले के दौरान स्वच्छ गंगा के संदेशों को सीधे और तुरंत देश भर के करोड़ों लोगों तक पहुंचा सकेगा. वहीं कुछ दिन पहले ही रिलायंस जियो ने कुंभ एप लॉन्च किया था. इसी कुंभ एप में अब ‘गंगा एंथम’ को जोड़ा जाएगा. कुंभ एप विशेष तौर पर जियोफोन उपभोक्ताओं के लिए बनाया गया था. पांच करोड़ से ज्यादा जियोफोन उपभोक्ता अब इस एप की अन्य विशेषताओं के साथ ‘गंगा एंथम’ का भी आनंद ले सकेंगे. स्वच्छ गंगा के महत्व को लोगों के बीच ले जाने के लिए रिलायंस ने ‘नेशनल मिशन फॉर क्लीन गंगा’ के साथ एक एमओयू साइन किया है. एमओयू के तहत टेलीकॉम सेक्टर में अपनी साख बनाने वाली रिलायंस जियो अब गंगा की स्वच्छता के प्रति लोगों को जागरूक करने का काम करेगी. (डिस्क्लेमरः फ़र्स्टपोस्ट हिंदी रिलायंस इंडस्ट्रीज की कंपनी नेटवर्क18 मीडिया एंड इन्वेस्टमेंट लिमिटेड का हिस्सा है. नेटवर्क18 मीडिया एंड इन्वेस्टमेंट लिमिटेड का स्वामित्व रिलायंस इंडस्ट्रीज के पास है)

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ISRO की अंतरिक्ष में एक और उड़ान, सफलतापूर्वक लॉन्च किया संचार उपग्रह GSAT-31

ISRO की अंतरिक्ष में एक और उड़ान, सफलतापूर्वक लॉन्च किया संचार उपग्रह GSAT-31
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने अपने 40वें संचार उपग्रह जीसैट-31 (GSAT-31) को सफलतापूर्वक लॉन्च कर दिया है. इसे फ्रेंच गुयाना के अंतरिक्ष केंद्र से देर रात दो बजकर 31 मिनट पर लॉन्च किया गया. #ISROMissions #GSAT31 successfully launched by #Ariane5 (#VA247) from French Guiana. After a 42-min flight, GSAT-31 separated from the Ariane 5 upper stage. @Arianespace pic.twitter.com/qVMm3hknSS — ISRO (@isro) February 6, 2019 अंतरिक्ष एजेंसी के अनुसार इस उपग्रह (Satellite) का जीवनकाल 15 साल का है. कक्षा के अंदर मौजूद कुछ उपग्रहों पर परिचालन संबंधी सेवाओं को जारी रखने में यह उपग्रह मदद मुहैया करेगा. साथ ही यह जियोस्टेशनरी कक्षा में केयू-बैंड ट्रांसपोंडर की क्षमता बढ़ाएगा. #ISROMissions Here's a lift-off video from @Arianespace.#GSAT31#Ariane5 (#VA247) pic.twitter.com/mHvltAXC1Y — ISRO (@isro) February 6, 2019 इसको ने एक बयान में बताया कि 2,535 किलोग्राम वजनी इस उपग्रह को फ्रेंच गयाना में कुरू से एरिएन-5 (वीए247) के जरिए लॉन्च किया गया. उपग्रह जीसैट-31’ को इसरो के परिष्कृत I-2K बस पर स्थापित किया गया है. यह इसरो के पूर्ववर्ती इनसैट/जीसैट उपग्रह श्रेणी के उपग्रहों का उन्नत (विकसित) रूप है. यह उपग्रह भारतीय भू-भाग और द्वीप को कवरेज प्रदान करेगा. इसरो ने यह भी कहा कि जीसैट-31 का इस्तेमाल सहायक V-Sat नेटवर्कों, टेलीविजन अपलिंक्स, डिजिटल उपग्रह समाचार जुटाने, DTH टेलीविजन सेवाओं, सेलुलर बैक हॉल संपर्क और इस तरह के कई ऐप्लीकेशन में किया जाएगा. इसरो के अनुसार यह उपग्रह अपने व्यापक बैंड ट्रांसपोंडर की मदद से अरब सागर, बंगाल की खाड़ी और हिंद महासागर के विशाल समुद्री क्षेत्र के ऊपर संचार की सुविधा के लिए विस्तृत बीम कवरेज प्रदान करेगा. (भाषा से इनपुट)

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Samsung Galaxy S9+ पर मिल रहा है 7 हजार रुपए का डिस्काउंट, जानिए क्या है नई कीमत?

Samsung Galaxy S9+ पर मिल रहा है 7 हजार रुपए का डिस्काउंट, जानिए क्या है नई कीमत?
Samsung ने S9 प्लस की कीमत कम करने का फैसला किया है. पिछले साल लॉन्च हुए इस फोन पर कंपनी की तरफ से 7 हजार रुपए का डिस्काउंट दिया जा रहा है. कंपनी 64 जीबी वाले अपने फोन पर डिस्काउंट दे रही है. अगर आप फ्लिपकार्ट से S9 प्लस खरीदते हैं तो यह आपको 57,900 रुपए में मिलेगा. जबकि इस फोन की असल कीमत 64,900 रुपए है. मतलब सीधा 10 प्रतिशत का डिस्काउंट. वहीं कंपनी की ऑफिशियल वेबसाइट पर अभी इसके दाम कम नहीं हुए हैं. यह फोन Coral Blue, Midnight Black, Polaris Blue और Lilac Purple कलर में उपलब्ध है. गैलेक्सी S9+ स्मार्टफोन के प्राइमरी रियर कैमरा सेंसर में ड्यूल अपार्चर सेटअप है. यह f/2.4 पर शूटिंग करने में सक्षम है. यह फीचर गैलेक्सी S9+ को गैलेक्सी 8 के मुकाबले 28 फीसदी ज्यादा लाइट कैप्चर करने में मदद करता है. सैमसंग गैलेक्सी S9+ में 6.2 इंच की क्वॉड HD+ कर्व्ड सुपर Amoled स्क्रीन है. सैमसंग गैलेक्सी S9+ में एडिशनल 12MP रियर टेलीफोटो कैमरा है. वहीं, फ्रंट में 8MP सेंसर है. एस9 प्लस में 3500 एमएएच बैटरी दी गई है.

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Wednesday, January 23, 2019

अब अपने प्लेटफॉर्म पर पॉलिटिकल ऐड्स से जुड़ी सूचनाएं सार्वजनिक करेगा गूगल

अब अपने प्लेटफॉर्म पर पॉलिटिकल ऐड्स से जुड़ी सूचनाएं सार्वजनिक करेगा गूगल
इंटरनेट टेक्नोलॉजी कंपनी गूगल अपने प्लेटफॉर्म पर भारत से जुड़े राजनीतिक विज्ञापनों से जुड़ी सूचनाएं मार्च से सार्वजनिक रूप से पेश करेगी. इसमें चुनावी विज्ञापन खरीदने वाले व्यक्ति और संबंधित विज्ञापन पर खर्च की जानकारी होगी. गूगल ने भारत में इस साल अप्रैल-मई में होने वाले आम चुनाव से पहले राजनीतिक विज्ञापनों के मामले में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए यह कदम उठाया है. इससे पहले ट्विटर ने भी इसी तरह का कदम उठाया था. गूगल ने बयान में कहा कि वह भारत के लिए अपनी चुनावी विज्ञापन नीति में बदलाव कर रहा है, जिसके तहत विज्ञापनदाताओं को विज्ञापन प्रकाशित या प्रसारित कराने के लिए चुनाव आयोग या फिर चुनाव आयोग कि ओर से अधिकृत किसी व्यक्ति की ओर से जारी 'प्रमाणपत्र' देना होगा. यह मंजूरी हर उस विज्ञापन के लिए लेना होगी, जिसे विज्ञापनदाता चलवाना चाहता है. यही नहीं, गूगल विज्ञापन को अपने प्लेटफॉर्म पर चलाने से पहले विज्ञापनदाता की पहचान का सत्यापन भी करेगी. कंपनी ने बयान में कहा, 'ऑनलाइन चुनावी विज्ञापन में और पारदर्शिता लाने के लिए गूगल भारत पर केंद्रित एक ‘पॉलिटिकल ऐड ट्रांसपेरेंसी रिपोर्ट’ और एक सार्वजनिक ऑनलाइन राजनीतिक विज्ञापन लाइब्रेरी पेश करेगी जिसे लोग सर्च कर सकेंगे.’ कंपनी ने कहा है, ‘इसमें चुनावी विज्ञापन खरीदने वाले के बारे में और विज्ञापन पर कितना खर्च किया जा रहा है, इसकी विस्तृत जानकारी होगी. विज्ञापनदाता के सत्यापन की प्रक्रिया 14 फरवरी से शुरू होगी जबकि यह रिपोर्ट और विज्ञापन लाइब्रेरी मार्च 2019 से हर किसी के लिए सीधे उपलब्ध होगी. गूगल की इस पहल का उद्देश्य 'ऑनलाइन राजनीतिक विज्ञापन में पारदर्शिता लाना है और मतदाताओं को चुनाव से संबंधित सूचनाएं देने में सक्षम बनाना है.' गूगल इंडिया के सार्वजनिक नीति के निदेशक चेतन कृष्णास्वामी ने कहा, '2019 में 85 करोड़ से ज्यादा भारतीय देश की नई सरकार चुनने के लिए अपना मत डालेंगे. चुनावों को लेकर गंभीर विचार कर रहे हैं और हम भारत समेत पूरी दुनिया में लोकतांत्रिक प्रक्रिया का समर्थन करने जारी रखेंगे.' उन्होंने कहा कि इसी तर्ज पर हम चुनावी विज्ञापन के मामले में ज्यादा पारदर्शिता बरतने की कोशिश कर रहे हैं और चुनावी प्रक्रिया को बेहतर तरीके से जानने में लोगों की मदद के लिए प्रासंगिक जानकारी सामने रखेंगे. गूगल ने यह कदम ऐसे समय उठाया गया है कि जब डिजिटल प्लेटफॉर्मों पर राजनीतिक विज्ञापनों को लेकर पारदार्शिता लाने का भारी दबाव बना हुआ है. सरकार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों से कहा कि अवांछित साधनों के माध्यम से यदि देश की चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश की गई तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी. इस महीने की शुरुआत में ट्विटर ने भी इसी तरह का कदम उठाया था और कहा था कि राजनीतिक दलों की ओर से विज्ञापनों पर होने वाले खर्च को दिखाने के लिए वह डैशबोर्ड पेश करेगा. फेसबुक ने पिछले महीने कहा था कि वह राजनीतिक विज्ञापन देने वालों के लिए पहचान और लोकेशन की जानकारी देने को अनिवार्य बनाएगी.

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Tuesday, January 22, 2019

गूगल मैप में आया नया फीचर, अब देख सकेंगे गाड़ी की स्पीड

गूगल मैप में आया नया फीचर, अब देख सकेंगे गाड़ी की स्पीड
गूगल मैप्स ऐप के iOS और एंड्रॉयड दोनों वर्जन पर स्पीड लिमिट दिखाना शुरू हो जाएगा. रिपोर्ट्स के मुताबिक फीचर को पहले Android पुलिस ने देखा था और बाद में Google ने Mashable UK को दिए एक बयान में इसकी पुष्टि की. इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक इसको लेकर कंपनी ने कहा है कि स्पीड लिमिट फीचर इसे हफ्ते में रोल आउट करना शुरू कर देगा. विशेषकर राजमार्ग के लिए गति सीमा क्या है. इस पर नजर रखने के लिए गति सीमा सुविधा यूजर्स के लिए विशेष रूप से राजमार्गों पर और लंबी सड़क यात्राओं के लिए भी सहायक होगी. जब आप नेविगेशन चालू करेंगे तो स्पीड सीमा मानचित्र के निचले बाएं कोने पर दिखाई देगी. हालांकि, ऐसा नहीं लगता कि स्पीड लिमिट का विकल्प भारत में दिखाई देगा. Mashable पर रिपोर्ट का कहना है कि अमेरिका, ब्रिटेन और डेनमार्क में उपयोगकर्ताओं के लिए गति सीमाएं आएंगी. इसके बजाय भारत, मैक्सिको, ऑस्ट्रेलिया, रूस, ब्राजील, कनाडा और इंडोनेशिया जैसे बाजारों में स्पीड कैमरा सुविधा मिलेगी. जब यूजर इन स्पीड कैमरों में से किसी से संपर्क करते हैं तो Google मैप में एक ऑडियो अलर्ट भी होगा. अगर यूजर इन कैमरों में से किसी पर भी ड्राइविंग करते समय गति सीमा से अधिक हो जाते हैं तो यह यूजर को धीमा करने में मदद करेगा. वहीं स्पीड ट्रैप आमतौर पर उन काम के लिए है, जहां पुलिस वाहन या ट्रैफिक पुलिस उन लोगों को पकड़ने के लिए इंतजार कर रहे हैं जो तेज गति से गाड़ी चला रहे हैं.

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फेक न्यूज को रोकने के लिए वॉट्सएप का नया नियम, सिर्फ पांच बार फॉर्वर्ड कर सकते हैं एक मैसेज

फेक न्यूज को रोकने के लिए वॉट्सएप का नया नियम, सिर्फ पांच बार फॉर्वर्ड कर सकते हैं एक मैसेज
वॉट्सएप मैसेंजर सर्विस ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फेक न्यूज और गलत जानकारियां फैलने से रोकने के लिए फॉर्वर्ड मैसेज पर एक बार फिर से लिमिट लगाई है. नई लिमिट के मुताबिक अब एक यूजर एक मैसेज को सिर्फ पांच बार ही फॉर्वर्ड कर सकेगा. सोमवार को व्हाट्सएप की पॉलिसी एंड कम्यूनिकेशन की उपाध्यक्ष विक्टोरिया ग्रांड ने इस बात की जानकारी दी. उन्होंने इंडोनेशिया की राजधानी में एक कार्यक्रम के दौरान कहा, 'हम आज से दुनिया भर में पांच मैसेज फार्वर्ड करने की एक सीमा लागू कर रहे हैं.' इस नए नियम के लागू होने के पहले तक एक व्हाट्सएप यूजर 20 व्यक्तियों या ग्रुप्स को मैसेज भेज सकता था. लेकिन अब वह सिर्फ पांच लोगों या ग्रुप्स को यह मैसेज भेज सकेगा. वॉट्सएप ने पांच प्राप्तकर्ता (Reciever) की यह लिमिट वैश्विक स्तर पर लगाई गई है. भारत में व्हाट्सएप ने फॉर्वर्ड मैसेज पर लिमिट लगाने की इस पॉलिसी की शुरूआत पिछले साल से की थी. भारत में इस पॉलिसी के लागू किए जाने की वजह थी वॉट्सएप के जरिए फैल रही अफवाहों के कारण होने वाली लोगों की हत्याएं. गौरतलब है कि पिछले साल कई लोगों की भीड़ ने अफवाह के चलते हत्या कर दी थी. उन अफवाहों को फैलाने के लिए लोगों ने वॉट्सएप का प्रयोग किया था. इसके बाद लगातार वॉट्सएप फेक न्यूज और गलत जानकारियों को फैलने से रोकने के लिए कई प्रयास कर रहा है.

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विंडोज मोबाइल यूजर्स को लगा झटका, माइक्रोसॉफ्ट ने सपोर्ट बंद करने का किया ऐलान

विंडोज मोबाइल यूजर्स को लगा झटका, माइक्रोसॉफ्ट ने सपोर्ट बंद करने का किया ऐलान
स्मार्टफोन का इस्तेमाल तो आज हर कोई करता है. अगर आप विंडोज फोन का इस्तेमाल करते हैं अब आपके लिए बुरी खबर है. दरअसल, माइक्रोसॉफ्ट ने आखिरकार ये घोषणा कर दी है कि वह विंडोज फोन को सपोर्ट देना बंद करेगा. माइक्रोसॉफ्ट का कहना है कि इस साल के आखिर तक वह विंडोज फोन में सपोर्ट बंद कर देगा. वहीं लोगों को विंडोज फोन छोड़कर माइक्रोसॉफ्ट ने ऐंड्रॉयड या आईओएस मोबाइल खरीदने की भी हिदायत दे डाली है. दिग्गज टेक कंपनी माइक्रोसॉफ्ट विंडोज 10 मोबाइल का सपोर्ट बंद कर रही है. कंपनी का कहना है कि 10 दिसंबर 2019 से सभी विंडोज मोबाइल के लिए सपॉर्ट बंद कर दिया जाएगा. वहीं माइक्रोसॉफ्ट के जरिए कोई सिक्यॉरिटी अपडेट भी मोबाइल्स पर नहीं भेजा जाएगा. 'ऐंड ऑफ सपोर्ट' पेज पर कंपनी ने बताया है कि विंडोज 10 मोबाइल को 10 दिसंबर 2019 के बाद से नए सिक्यॉरिटी अपडेट नहीं मिलेंगे. साथ ही कंपनी के जरिए विंडोज 10 मोबाइल ओएस का सपोर्ट बंद करने के साथ ही लोगों से सिफारिश कि गई है कि वे ऐंड्रॉयड या आईओएस मोबाइल खरीद लें, जिनका उन्हें सपोर्ट हासिल हो सके. साथ ही माइक्रोसॉफ्ट का कहना है कि उसकी वर्चुअल असिस्टेंट कोर्टाना की अब ऐमजॉन के एलेक्सा और गूगल के असिस्टेंट से सीधा मुकाबला नहीं है.

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डेटा लीक मामले में फेसबुक पर लग सकता है अबतक का सबसे ज्यादा जुर्माना!

डेटा लीक मामले में फेसबुक पर लग सकता है अबतक का सबसे ज्यादा जुर्माना!
फेसबुक पर अब तक का सबसे ज्यादा जुर्माना लग सकता है. यह जुर्माना यू.एस फेडरल ट्रेड कमिशन के द्वारा लगाया जा सकता है. 2.2 बिलियन यूजर्स की पर्सनल जानकारी शेयर करने के चलते फेसबुक पर यह कार्रवाई की जा रही है. प्राइवेसी नियमों के उल्लंघन के चलते फेसबुक पर लगने वाला जुर्माना 22.5 मिलियन डॉलर हो सकता है जो अबतक किसी कंपनी पर लगने वाला सबसे ज्यादा जुर्माना होगा. इससे पहले 2012 में गूगल पर लगा था, जब ऐपल के सफारी ब्राउजर पर प्राइवेसी कंट्रोल लगाया गया था. न्यूज़18 के मुताबिक, FTC ने कहा कि इस पर बयान नहीं दिया जा सकता, वहीं फेसबुक ने भी इस पर कमेंट करने से मना कर दिया. FTC द्वारा कराई जांच में जब इस बात की पुष्टि हो गई कि कैम्ब्रिज एनालिटिका ने 87 मिनियन फेसबुक यूजर्स का डेटा लीक किया था, तो संस्था ने पोटेंशियल फाइन लगाने का फैसला किया. अमेरिकी अखबार 'न्यूयॉर्क टाइम्स' के मुताबिक फेसबुक बड़ी कंपनियों को लोगों के निजी डेटा बेचता था. हालांकि, फेसबुक ने पहले भी ये माना था कि उसने कुछ डेटा दूसरी कंपनियों को बेचे थे, लेकिन नई रिपोर्ट्स के मुताबिक ये डेटा पहले से कहीं ज़्यादा है. जानकारी के मुताबिक, FTC के पांच कमिश्नर ने फेसबुक पर लगने वाले जुर्माने पर चर्चा की लेकिन अभी तक वह जुर्माने के अमाउंट तक नहीं पहुंच पाए हैं. फेसबुक प्राइवेसी समस्याओं की अन्य देशों में भा जांच हो रही है और

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Saturday, January 19, 2019

भारत के टॉप 10 ऐप्स में WhatsApp नंबर वन, फेसबुक को पछाड़ा

भारत के टॉप 10 ऐप्स में WhatsApp नंबर वन, फेसबुक को पछाड़ा
फेसबुक के स्वामित्व वाले WhatsApp ने फेसबुक को पछाड़ कर भारत में नंबर एक ऐप का दर्जा हासिल कर लिया है. मंथली एक्टिव यूजर्स के मामले में WhatsApp टॉप पर पहुंच गया है. एनालिटिक फर्म ऐप एन्नी (App Annie) की रिपोर्ट में WhatsApp ने फेसबुक को सितंबर में पीछे छोड़ दिया है. रिपोर्ट के मुताबिक भारत में सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाने वाला ऐप WhatsApp है. इसके बाद दूसरे नंबर पर फेसबुक का नाम आता है और इस लिस्ट में तीसरे नंबर पर फाइल शेयरिंग एप शेयरइट अपनी जगह बनाए हुए है. वहीं टॉप 10 में फेसबुक के चार एप शामिल हैं. इस लिस्ट में चौथे नंबर पर फेसबुक मेसेंजर, पांचवे पर ट्रूकॉलर, छठे पर एमएक्स प्लेयर, सातवें पर यूसी ब्राउजर, आठवें पर इंस्टाग्राम, नौवें पर एमेजॉन और दसवें नंबर पर पेटीएम शामिल है. ये टॉप 10 ऐप्स भारत में सबसे ज्यादा इस्तेमाल किए जाते हैं. वहीं WhatsApp पर एक्टिव यूजर्स की संख्या सबसे ज्यादा रही. साथ ही WhatsApp और फेसबुक के एंड्रॉयड और iOS दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर सबसे ज्यादा एक्टिव यूजर्स रहे. ऐप एन्नी के मुताबिक वॉट्सऐप एक्टिव यूजर्स के मामले में भारत टॉप पर रहा. इसके बाद ब्राजील, मैक्सिको, तुर्की, रुस रहे.  WhatsApp की इस ग्रोथ में इसके एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन और अलग फीचर्स का काफी बड़ा हाथ माना जा रहा है.

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आम चुनावों के दौरान राजनीतिक विज्ञापनों के नियम कड़े करेगा फेसबुक

आम चुनावों के दौरान राजनीतिक विज्ञापनों के नियम कड़े करेगा फेसबुक
फेसबुक ने बुधवार को कहा कि वह भारत जैसे देशों में जहां आम चुनाव होने वाले हैं राजनीतिक विज्ञापनों के लिए नियम कड़े करेगा. कंपनी ने कहा है कि अमेरिका, ब्रिटेन और ब्राजील में राजनीतिक विज्ञापनों में पारदर्शिता लाने के उसके प्रयास पहले से ही चल रहे हैं. भारत में आम चुनाव इस साल पहली छहमाही में होंगे. फेसबुक ने इस मामले में एक के बाद एक कई गड़बड़ियां और घोटाले सामने आने के बाद नियमों में सख्ती की बात की है. सोशल मीडिया कंपनी फेसबुक ने अपने विज्ञापन पृष्ठ पर डाली गई एक पोस्ट में कहा है, ‘इस साल दुनिया भर में कई जगह आम चुनावों की तैयारियां चल रही है. हम बाहरी हस्तक्षेप को रोकने पर लगातार ध्यान दे रहे हैं. हमारे प्लेटफॉर्म पर जो भी विज्ञापन होगा उसमें लोगों को अधिक सूचना दी जाएगी.’ कंपनी ने कहा है कि भारत में फेसबुक एक विज्ञापन लाइब्रेरी शुरू करेगा और आम चुनावों से पहले विज्ञापनों की पुष्टि का नियम लागू करेगा. चुनाव अप्रैल-मई तक हो सकते हैं. कंपनी का कहना है कि अमेरिका, ब्रिटेन और ब्राजील में राजनीतिक विज्ञापन देने वालों को विज्ञापन जारी होने से पहले अपनी पूरी पहचान और स्थान के बारे में पुष्टि अनिवार्य की गयी है. इन विज्ञापनों को सात साल के लिए सग्रहीत कर दिया जाता है जिसे कोई भी देख सकता है. फेसबुक ने कहा है कि नाइजीरिया और उक्रेन में कोई भी विदेशी चुनावी विज्ञापन स्वीकार नहीं किया जाएगा. यूरोपीय संघ में मई में यूरोपीय संसद के लिए होने वाले चुनावों में कंपनी ‘पारदर्शिता उपाय’ जारी करेगी. कंपनी ने कहा है कि जून के अंत तक इन उपायों को वह दुनियाभर के विज्ञापनदाताओं के लिए उपलब्ध करा देगी. फेसबुक ने पिछले साल इस बात को स्वीकार किया था कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लिये काम करने वाले राजनीतिक क्षेत्र की कंपनी केंब्रिज एनालिटिका ने उसके लाखों उपयोगकर्ताओं से जुड़ी जानकारी को चुरा लिया था. ब्रिटेन में बेक्जिट मतदान की आलोचना करने वाले लोगों का भी कहना है कि कैंब्रिज एनालिटिका ने चुराये गये इन आंकड़ों को इस्तेमाल ‘ईयू को छोड़ने’ की दिशा में मतदान करवाने के लिए भी किया.

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Friday, January 18, 2019

Whatsapp Message: मैसेज भेजने के लिए नहीं करना पड़ेगा टाइप, आ रहा है नया फीचर

Whatsapp Message: मैसेज भेजने के लिए नहीं करना पड़ेगा टाइप, आ रहा है नया फीचर
यूं तो वॉट्सऐप में ऑडियो रिकॉर्डिंग फीचर है, लेकिन अब एंड्रॉएड और आईओएस यूजर्स के लिए वॉट्सऐप एक नया फीचर ला रहा है, जिसके बाद अब यूजर्स को अपना मैसेज टाइप करने की जरूरत नहीं पड़ेगी और वो अपना मैसेज बोलकर लिख सकेंगे. जी हां, वॉट्सऐप अब एक नया माइक या डिक्टेशन फीचर ला रहा है, जिसके बाद यूजर्स अपना मैसेज बोलकर लिख सकेंगे लेकिन मैसेज भेजने के लिए उन्हें मैनुअली सेंड का बटन दबाना होगा. ये फीचर एंड्रॉएड और आईओएस यूजरों के लिए उपलब्ध है. बता दें कि ये डिक्टेशन फीचर गूगल असिस्टेंट और सीरी जैसे स्मार्ट वॉइस असिस्टेंट्स के लिए उपलब्ध है लेकिन वॉट्सऐप अब इसे ऐप में इन-बिल्ट तरीके से उपलब्ध कराएगा, जिससे कीबोर्ड पर बने माइक आइकन को दबाकर अपना मैसेज डिक्टेट कर सकेंगे, जो अपने आप टाइप हो जाएगा. बस यूजर को मैसेज भेजने के लिए सेंड का बटन दबाना होगा. डिक्टेशन फीचर का इस्तेमाल करने के लिए यूजर को पहले वॉट्सऐप खोलना होगा. इसके बाद वो कॉन्टैक्ट चुनना होगा, जिसे वो मैसेज भेजना चाहते हैं. इसके बाद उन्हें कीबोर्ड पर दिए गए माइक बटन दबाना होगा. एंड्रॉएड फोन पर ये आइकन कीबोर्ड के ऊपर दाहिने हिस्से में दिया जाएगा और आईओएस यूजर्स के लिए ये कीबोर्ड पर निचले दाहिने हिस्से में होगा. मैसेज डिक्टेट करने के बाद यूजर को मैसेज भेजने के लिए सेंड का बटन दबाना होगा. वैसे, यूजर्स के पास मैसेज को एडिट करने का ऑप्शन होगा लेकिन इसके लिए उन्हें टाइपिंग का सहारा लेना होगा. इस फीचर के बाद यूजर्स लंबे मैसेज टाइप करने की मेहनत से भी बच जाएंगे और वक्त जो बचेगा वो अलग.

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